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Songs of Forgotten Trees समीक्षा | अनुपर्णा रॉय का सिनेमा

On: September 10, 2025 1:12 PM
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songs of forgotten trees anuparna roy
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Songs of Forgotten Trees – अनुपर्णा रॉय की सिनेमाई कविता

सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं होता, वह समाज, संवेदनाओं और अनसुनी कहानियों का आईना भी है। अनुपर्णा रॉय की पहली फ़ीचर फ़िल्म “Songs of Forgotten Trees” इसी विचार का जीवंत उदाहरण है। यह फिल्म दो महिलाओं की नाज़ुक लेकिन गहरी कहानी को बेहद सादगी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।


कहानी – दो परछाइयों की तलाश

फिल्म की कहानी मुंबई जैसे विशाल और अजनबी शहर में संघर्ष कर रही दो महिलाओं पर केंद्रित है।

  • Thooya (नाज़ शेख़) – एक प्रवासी युवती जो अभिनेत्री बनने का सपना लेकर आई है। सपनों की ऊँचाइयों तक पहुँचने की कोशिश में वह बार-बार समझौतों और मुश्किलों का सामना करती है।
  • Swetha (सुमी बघेल) – एक कॉर्पोरेट कर्मचारी जो शहर में अपनी जगह बनाने की जद्दोजहद में है।

दोनों एक ही फ्लैट साझा करती हैं और धीरे-धीरे उनके बीच न केवल दोस्ती बल्कि गहरी भावनात्मक समझ भी पनपने लगती है। कहानी संवादों से कम और मौन की भाषा से अधिक कही जाती है।


निर्देशन – अनुपर्णा रॉय का संवेदनशील स्पर्श

अनुपर्णा रॉय ने इस फिल्म में एकदम अलग सिनेमाई भाषा का इस्तेमाल किया है।

  • यहाँ बड़े संवाद नहीं, बल्कि फ्रेम्स, सन्नाटे और किरदारों की नज़रें बोलती हैं।
  • वह पारंपरिक नैरेटिव से हटकर कहानी को टुकड़ों, यादों और खामोश पलों में बांधती हैं।
  • उनकी यह शैली दर्शक को सोचने और महसूस करने के लिए जगह देती है।

एक नए निर्देशक के लिए यह साहसी प्रयोग है, और यही उन्हें अलग बनाता है।


अभिनय – संवेदना से भरी अदायगी

  • नाज़ शेख़ (Thooya): उनके चेहरे की चुप्पी और अधूरी मुस्कान दर्शक को किरदार के भीतर झाँकने पर मजबूर करती है।
  • सुमी बघेल (Swetha): उनकी आँखों में छिपी असुरक्षा और आत्मविश्वास का संघर्ष बेहद सजीव लगता है।

दोनों कलाकारों ने अपने किरदार को अभिनय से नहीं, बल्कि जी कर निभाया है। यही वजह है कि फिल्म के भाव दर्शक के दिल में उतर जाते हैं।


तकनीकी पहलू – फ़्रेम्स और संगीत की जादूगरी

  • सिनेमैटोग्राफी: कैमरे का इस्तेमाल बेहद सूक्ष्म और अर्थपूर्ण है। दरवाजों, खिड़कियों और अंधेरे-उजाले के बीच कहानी को पिरोया गया है।
  • संगीत: फिल्म का संगीत बहुत धीमा और आत्मीय है। यह किरदारों की भावनाओं को उभारने में मदद करता है।
  • संपादन: फिल्म को इस तरह संपादित किया गया है कि हर दृश्य अपने आप में एक कविता जैसा महसूस होता है।

आलोचनात्मक दृष्टि – ताकत और कमजोरियाँ

ताकत

  • कहानी की नाज़ुक संवेदनशीलता।
  • मौन और खामोशी का प्रभावी इस्तेमाल।
  • दो महिलाओं के बीच भावनाओं का गहरा रिश्ता।

कमज़ोरियाँ

  • Swetha के किरदार को और विस्तार से दिखाया जा सकता था।
  • कुछ दृश्य अचानक अधूरे से लगते हैं, जिससे कहानी में थोड़ी कमी महसूस होती है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान – भारतीय सिनेमा की जीत

फिल्म ने Venice Film Festival में Best Director Award जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि न केवल अनुपर्णा रॉय की व्यक्तिगत सफलता है बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी गौरवपूर्ण क्षण है। इस जीत ने यह साबित किया कि भारतीय फिल्में केवल मसाला और मनोरंजन तक सीमित नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय संवेदनशील कहानियाँ भी कह सकती हैं। songs of forgotten trees anuparna roy


सिनेमा का महत्व – क्यों ज़रूरी है ऐसी फिल्में?

आज जब बड़े-बजट और शोरगुल वाले सिनेमा का बोलबाला है, तब Songs of Forgotten Trees जैसी फिल्म हमें याद दिलाती है कि असली सिनेमा वही है जो अनसुनी आवाज़ों और भूली हुई कहानियों को सामने लाए। यह फिल्म हमें संवेदना, रिश्तों और आत्म-खोज की ओर देखने पर मजबूर करती है। songs of forgotten trees anuparna roy


एक भावनात्मक यात्रा

“Songs of Forgotten Trees” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है। यह हमें उन पेड़ों के गीत सुनाती है जिन्हें हम अक्सर भूल जाते हैं। अनुपर्णा रॉय ने अपने निर्देशन से यह साबित किया है कि सिनेमा अगर सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ कहा जाए, तो वह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला अनुभव बन जाता है।

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(FAQ)

Q1. Songs of Forgotten Trees फिल्म किसने बनाई है?

यह फिल्म अनुपर्णा रॉय द्वारा निर्देशित है, जो उनकी पहली फ़ीचर फिल्म है।

Q2. Songs of Forgotten Trees की कहानी किस बारे में है?

यह फिल्म मुंबई में रहने वाली दो महिलाओं की कहानी है—एक अभिनेत्री बनने का सपना देखती है और दूसरी कॉर्पोरेट कर्मचारी है। दोनों की ज़िंदगी धीरे-धीरे एक-दूसरे से जुड़ती है और एक गहरा रिश्ता बनता है।

Q3. इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

इसकी सबसे बड़ी खासियत है भावनाओं और मौन का इस्तेमाल। बड़े संवादों की बजाय किरदारों की नज़रें, सन्नाटा और छोटी-छोटी घटनाएँ कहानी को बयां करती हैं।

Q4. Songs of Forgotten Trees में मुख्य भूमिकाएँ किसने निभाई हैं?

  • नाज़ शेख़ (Thooya)
  • सुमी बघेल (Swetha)

Q5. क्या इस फिल्म को कोई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है?

हाँ, इस फिल्म को Venice Film Festival 2025 में Best Director Award मिला है।

Q6. यह फिल्म कहाँ देखी जा सकती है?

फिलहाल यह फिल्म फ़ेस्टिवल सर्किट में दिखाई जा रही है। निकट भविष्य में इसे ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर भी रिलीज़ किया जा सकता है।

Q7. इस फिल्म को खास क्यों कहा जा रहा है?

क्योंकि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि संवेदनाओं की यात्रा है। यह उन अनसुनी आवाज़ों को सामने लाती है जिन्हें समाज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देता है।

Songs of Forgotten Trees – टाइमलाइन

2022

  • अनुपर्णा रॉय ने इस फिल्म की कहानी और कॉन्सेप्ट पर काम शुरू किया।
  • रिसर्च और किरदारों की रूपरेखा तैयार की गई।

2023

  • फिल्म की प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया शुरू हुई।
  • कास्टिंग पूरी हुई – नाज़ शेख़ (Thooya) और सुमी बघेल (Swetha) को मुख्य भूमिकाएँ मिलीं।
  • लोकेशन हंटिंग मुंबई में की गई।

2024

  • फिल्म की शूटिंग शुरू हुई।
  • छोटे बजट और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने फिल्म को पूरी लगन से पूरा किया।
  • पोस्ट-प्रोडक्शन (एडिटिंग, साउंड डिजाइन, म्यूजिक) पर गहन काम हुआ।

जुलाई 2025

  • फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फ़ेस्टिवल्स में आधिकारिक तौर पर एंट्री दी गई।

सितंबर 2025

  • फिल्म का प्रीमियर Venice Film Festival में हुआ।
  • दर्शकों और आलोचकों से सराहना मिली।
  • अनुपर्णा रॉय को Best Director Award से सम्मानित किया गया—भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि।

आने वाला समय

  • फिल्म अब विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जाएगी।
  • संभावना है कि जल्द ही इसे ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर भी रिलीज़ किया जाएगा, ताकि ज़्यादा दर्शक इसे देख सकें।

निष्कर्ष

यह टाइमलाइन दिखाती है कि Songs of Forgotten Trees कोई अचानक बनी फिल्म नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संवेदनशील सोच और कलात्मक दृष्टिकोण का नतीजा है। अनुपर्णा रॉय ने अपनी पहली ही फिल्म से भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। songs of forgotten trees anuparna roy

A. Kumar

मेरा नाम अजीत कुमार है। मैं एक कंटेंट क्रिएटर और ब्लॉगर हूँ, जिसे लिखने और नई-नई जानकारियाँ शेयर करने का शौक है। इस वेबसाइट पर मैं आपको ताज़ा खबरें, मोटिवेशनल आर्टिकल्स, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी उपयोगी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराता हूँ।

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