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RBI रेपो रेट क्या होता है? 2025 में आम आदमी की जेब पर सीधा असर समझिए!

On: December 5, 2025 1:14 PM
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RBI Repo Rate Kya Hota Hai
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RBI Repo Rate Kya Hota Hai / आजकल हर न्यूज़ चैनल और अखबार में एक शब्द बार-बार सुनाई देता है – “RBI ने रेपो रेट बढ़ा दिया” या “रेपो रेट में कटौती हुई”। लेकिन सच बताऊं, ज्यादातर लोग तो बस सुन लेते हैं और सोचते हैं कि “हाँ ठीक है, महंगाई या लोन पर कुछ असर पड़ेगा”। पर असल में ये रेपो रेट है क्या चीज? ये हमारी EMI, घर का लोन, गाड़ी का लोन, यहाँ तक कि रोटी-सब्जी के दाम पर भी सीधा असर डालता है।

तो चलिए आज बहुत ही आसान भाषा में, बिल्कुल देसी स्टाइल में समझते हैं कि ये RBI Repo Rate आखिर होता क्या है और ये आपकी जिंदगी को कैसे प्रभावित करता है।

रेपो रेट को सबसे आसान भाषा में समझें

रेपो रेट का पूरा नाम है – Repurchase Rate या Repurchase Option Rate। सरल शब्दों में कहें तो ये वो ब्याज दर है जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बाकी बैंकों को बहुत कम समय (रातों-रात) के लिए पैसा उधार देता है।

मान लीजिए SBI, HDFC, ICICI जैसे बड़े-बड़े बैंक के पास अचानक पैसों की कमी हो गई। ग्राहकों ने ATM से बहुत पैसे निकाल लिए या बड़े-बड़े लोन दे दिए। अब बैंक के पास तुरंत पैसा नहीं है। तो वो RBI के पास जाता है और बोलता है – “सर, आज रात के लिए कुछ पैसे उधार चाहिए। कल सुबह लौटा दूंगा।”

RBI बोलता है – “ठीक है, ले लो, लेकिन इतने प्रतिशत ब्याज देकर लौटाना पड़ेगा।” वो ब्याज दर ही रेपो रेट कहलाती है।

अभी दिसंबर 2025 में रेपो रेट 6.50% है (अगर बदल गया हो तो लेटेस्ट न्यूज़ देख लीजिएगा)। मतलब बैंक RBI से 100 रुपए उधार लेगा तो उसे 106.50 रुपए लौटाने पड़ेंगे।

रेपो रेट बढ़े या घटे तो क्या होता है?

  1. जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है → RBI से पैसा महंगा हो जाता है → बैंक भी अपने ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलते हैं → आपका होम लोन, कार लोन की EMI बढ़ जाती है → लोग कम लोन लेते हैं, कम खर्च करते हैं → महंगाई (Inflation) पर कंट्रोल होता है
  2. जब RBI रेपो रेट घटाता है → RBI से पैसा सस्ता हो जाता है → बैंक भी सस्ता लोन देते हैं → आपकी EMI कम हो जाती है → लोग ज्यादा सामान खरीदते हैं, कार-घर लेते हैं → अर्थव्यवस्था में तेजी आती है

यानी रे रेपो रेट देश की अर्थव्यवस्था का रिमोट कंट्रोल है। RBI इससे महंगाई और आर्थिक विकास दोनों को बैलेंस करता है।

रेपो रेट से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण रेट कौन-कौन से हैं?

RBI सिर्फ रेपो रेट ही नहीं बदलता, उसके साथ कुछ और रेट भी होते हैं:

  • Reverse Repo Rate: जब बैंक के पास बहुत ज्यादा पैसा होता है तो वो RBI में जमा करते हैं। उस पर मिलने वाला ब्याज ही रिवर्स रेपो रेट है। अभी ये 3.35% के आसपास है।
  • CRR (Cash Reserve Ratio): बैंकों को अपने कुल पैसों का कुछ हिस्सा RBI में रखना पड़ता है। अभी 4.50% है।
  • SLR (Statutory Liquidity Ratio): बैंकों को कुछ पैसा गवर्नमेंट बॉन्ड आदि में निवेश करना पड़ता है।
  • Bank Rate: लंबे समय के लिए RBI बैंकों को जो लोन देता है, उसका रेट।

लेकिन आम आदमी के लिए सबसे ज्यादा असर रेपो रेट का ही पड़ता है। RBI Repo Rate Kya Hota Hai

पिछले 5 साल में रेपो रेट का सफर (2019-2025)

  • 2019 में रेपो रेट 6.50% था
  • कोरोना में 2020-21 में RBI ने इसे घटाकर 4.00% कर दिया ताकि लोन सस्ते हों और अर्थव्यवस्था चलती रहे
  • 2022 से महंगाई बढ़ने पर RBI ने लगातार बढ़ाना शुरू किया
  • मई 2022 से दिसंबर 2025 तक कुल 250 basis points (2.50%) की बढ़ोतरी हुई
  • अभी दिसंबर 2025 में 6.50% पर स्थिर है, लेकिन अगली मीटिंग में कटौती की उम्मीद है

आपकी जिंदगी पर सीधा असर – 5 उदाहरण

  1. मान लीजिए आपने 50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए लिया है रेपो रेट 6% था → EMI करीब 35,800 रु. रेपो रेट 6.50% हुआ → EMI बढ़कर 37,200 रु. हो गई मतलब हर महीने 1,400 रु. ज्यादा!
  2. आप FD करवाते हैं रेपो रेट बढ़ने से बैंक FD के रेट भी बढ़ाते हैं। अभी सीनियर सिटीजन को 7.5-8% तक मिल रहा है।
  3. महंगाई का कनेक्शन जब रेपो रेट ज्यादा होता है तो लोन महंगे → लोग कम खरीदारी करते हैं → दुकानदार कीमतें कम करते हैं → महंगाई कंट्रोल होती है।

2025-26 में रेपो रेट का अनुमान क्या है?

अधिकांश अर्थशास्त्री मान रहे हैं कि 2026 तक रेपो रेट 5.75-6.00% के बीच आ सकता है क्योंकि:

  • वैश्विक अर्थव्यवस्था सुस्त है
  • भारत में महंगाई 4-5% के आसपास स्थिर है
  • तेल के दाम भी कंट्रोल में हैं

यानी होम लोन, कार लोन थोड़े सस्ते होने की उम्मीद है।

तो आपको क्या करना चाहिए?

  • अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं तो थोड़ा इंतजार करें, शायद EMI कम पड़े
  • पुराना लोन है और ब्याज ज्यादा है तो बैंक से रेट कम करने की रिक्वेस्ट करें (अक्सर बैंक मान जाते हैं)
  • FD करवानी है तो अभी का समय अच्छा है, रेट ऊंचे हैं

RBI रेपो रेट कोई जटिल चीज नहीं है। ये बस एक नंबर है जो ये तय करता है कि देश में पैसा सस्ता रहेगा या महंगा। जब ये बढ़ता है तो आपकी EMI बढ़ती है लेकिन महंगाई कम होती है। जब घटता है तो EMI कम होती है लेकिन महंगाई का खतरा रहता है।

RBI का काम है इन दोनों को बैलेंस करना ताकि न आपकी जेब खाली हो और न देश की अर्थव्यवस्था डूबे।

अगली बार जब न्यूज़ में सुने “RBI ने रेपो रेट में 25 basis points की कटौती की” तो आपको पता होगा कि आपकी EMI 500-1000 रु. कम होने वाली है!

कमेंट में बताइए – आपका लोन है? रेपो रेट बढ़ने से आपकी EMI कितनी बढ़ी? RBI Repo Rate Kya Hota Hai

A. Kumar

मेरा नाम अजीत कुमार है। मैं एक कंटेंट क्रिएटर और ब्लॉगर हूँ, जिसे लिखने और नई-नई जानकारियाँ शेयर करने का शौक है। इस वेबसाइट पर मैं आपको ताज़ा खबरें, मोटिवेशनल आर्टिकल्स, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन, हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी उपयोगी जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराता हूँ।

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