Muhurat Trading Diwali 2025 /
भारत में दिवाली केवल दीप-रोशनी, मिठाइयाँ और उल्लास का त्योहार नहीं है — यह नए आरंभ, संपन्नता और समृद्धि की कामना का प्रतीक भी है। व्यापार जगत और निवेशकों के लिए, दिवाली के दिन विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) की परंपरा जुड़ी हुई है। माना जाता है कि इस विशेष समय पर शेयर बाजार में निवेश करने से सौभाग्य की शुरुआत होती है।
वर्ष 2025 में, दिवाली के दिन यानी 21 अक्टूबर 2025, इस मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन होगा। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है, इसका इतिहास, 2025 की विशेषताएँ, इसे कैसे उपयोग करें, लाभ-हानि, सावधानियाँ और बहुत कुछ।
1. मुहूर्त ट्रेडिंग क्या है? (Meaning & Definition)
“मुहूर्त” शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है “शुभ समय”। भारतीय पर्व-परंपराओं में किसी भी काम की शुरुआत मुहूर्त के समय पर करना शुभ माना जाता है। जब यह विचार शेयर बाजार से जुड़ा तो इसी दर्शन से “मुहूर्त ट्रेडिंग” का जन्म हुआ।
मुहूर्त ट्रेडिंग वह विशेष एक‑घंटे की व्यापार अवधि है, जिसे स्टॉक एक्सचेंज (NSE, BSE) दिवाली के दिन खोलते हैं — जबकि बाजार बाकी पूरे दिन बंद रहते हैं। निवेशक इस अवधि में खरीद और विक्रय करते हैं, यह प्रतीकात्मक रूप में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है।
इसका उद्देश्य न केवल ट्रेडिंग करना है, बल्कि एक शुभ आरंभ करना — जैसे कि नए खाता बही खोलना, पहले हिस्से के निवेश करना, या अपने निवेश साल को सकारात्मक शुरुआत देना।
2. मुहूर्त ट्रेडिंग की उत्पत्ति और इतिहास
- पुराने समय में व्यापारियों और कारोबारियों का मानना था कि दिवाली के दिन लाभ-हानि के लेख (खाता-बही) को खोलना, बंद करना या नए लेनदेन करना शुभ होता है।
- विशेष रूप से गुजरात और राजस्थान में, व्यापारियों की परंपरा थी कि दिवाली की रात में वे अपनी खाता-बही की पूजा (चौपड़ा पूजन या खाता पूजा) करते और नए लेख खोलते।
- धीरे-धीरे, जब शेयर-बाजार अस्तित्व में आया, तो इस धार्मिक व्यवहार को बाजार की दुनिया में भी ले जाया गया।
- BSE (Bombay Stock Exchange) ने 1957 में इस परंपरा को विधिपूर्वक प्रारंभ किया।
- बाद में NSE (National Stock Exchange) भी इस प्रथा को अपनाया। अब यह परंपरा लगभग सभी निवेशकों में लोकप्रिय है।
इस प्रकार, मुहूर्त ट्रेडिंग धार्मिक-आर्थिक दोनों दृष्टिकोणों का संगम बन गई है — एक ओर यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी है, दूसरी ओर यह आधुनिक शेयरबाजार की वास्तविकता में भी सक्रिय है।
3. दिवाली 2025: तारीख और विशेष बदलाव
तारीख
मुहूर्त ट्रेडिंग 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार को आयोजित होगी।
समय (2025 का खास बदलाव)
2025 में यह ट्रेडिंग पारंपरिक शाम के समय की बजाय दोपहर के समय होगी।
- प्रारंभ (Pre‑Open) सत्र: 1:30 PM – 1:45 PM
- मुख्य मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र: 1:45 PM – 2:45 PM
- ऑर्डर संशोधन (Modification) की अंतिम समय सीमा: 2:55 PM
इस बदलाव के कारण, जिसे “अपराह्न मुहूर्त ट्रेडिंग” कह सकते हैं, अधिक लोगों को सकारात्मक समय पर भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह वही समय होगा जब बाजार में हलचल न्यूनतम होती है और निवेशकों को अधिक सुविधा मिल सकती है।
4. मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का स्वरूप — भाग और नियम
मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र पूरी तरह से सामान्य ट्रेडिंग की तरह काम करता है, लेकिन समय सीमित और विशेष होता है।
| सत्र / अवधि | समय | क्या होता है |
|---|---|---|
| Block Deal Session | 1:15 PM – 1:30 PM | दो पक्षों के बीच बड़े सौदे तय करते हैं; पूर्व समझौते पर आधारित लेनदेन |
| Pre-Open Session | 1:30 PM – 1:45 PM | स्टॉक की equilibrium price निर्धारण (मूल्य मिलान) |
| Main Trading (Muhurat) | 1:45 PM – 2:45 PM | खरीदी और बिक्री की सामान्य गतिविधियाँ होती हैं |
| Settlement / Modifications | up to 2:55 PM | आदेशों का संशोधन, पुष्टि या रद्दीकरण संभव |
सभी ट्रेड्स (खरीद-बिक्री) इस मुहूर्त सत्र में नॉर्मल सेटलमेंट नियमों के अनुसार होते हैं। यानी यह सिर्फ एक प्रतीकात्मक समय नहीं, बल्कि वास्तविक व्यापार का समय है।
5. 2025 में यह बदलाव क्यों? (समय बदलाव के कारण)
कुछ मुख्य कारण यह हो सकते हैं कि क्यों इस वर्ष मुहूर्त ट्रेडिंग को शाम के बजाय दोपहर रखा गया है:
- व्यापक सहभागिता की सुविधा: शाम में व्यापारियों के लिए समय कम रह जाता है, विशेषकर वे जो गाँव या दूर-स्वदेश में रहते हैं।
- तकनीकी एवं लॉजिस्टिक कारण: शाम को बिजली कटौती, नेटवर्क समस्या या तकनीकी बाधा की आशंका अधिक होती है।
- समायोजन और बदलाव का ट्रेंड: समय-समय पर एक्सचेंज यह देखती हैं कि कौन-सा समय अधिक उपयुक्त है।
इस बदलाव का परिणाम यह होगा कि शाम के व्यस्त समय से बच कर अधिक लोग भाग ले सकें — और यह एक नया रुझान बन सकता है।
6. मुहूर्त ट्रेडिंग 2025: लाभ और महत्व
लाभ / फायदे
- शुभ आरंभ
यह एक प्रतीकात्मक शुरुआत है — नव वर्ष की तरह, निवेश की शुरुआत इस समय करने से मानसिक सकारात्मकता मिलती है। - भावनात्मक और सामुदायिक जुड़ाव
कई निवेशक, दल, परिवार मिलकर इस समय ट्रेड करते हैं — यह एक साझा उत्सव जैसा बन जाता है। - बाजार भावना का संकेत
यदि इस एक घंटे में बाजार ऊँची चाल दिखाता है, इसे अगले वित्त वर्ष की ओर संकेत माना जाता है। - नए निवेशकों के लिए अवसर
ऐसे निवेशक जो साल भर निवेश न करते हों, यह मौका उन्हें छोटी राशि से शुरुआत करने के लिए मिलता है। - मीडिया और सामाजिक लाभ
निवेश प्लेटफ़ॉर्म और ब्रोकर्स इस समय को प्रचार के लिए उपयोग करते हैं, जिससे नए उपयोगकर्ता आकर्षित होते हैं।
सीमाएँ और सावधानियाँ
- उच्च उतार-चढ़ाव (Volatility)
सीमित समय में बाजार बहुत तेजी या गिरावट दिखा सकता है — जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। - आधारिक विश्लेषण की अनदेखी
सिर्फ शुभ मुहूर्त देखकर कंपनी की फंडामेंटल नहीं देखना जोखिम भरा हो सकता है। - भावनात्मक निवेश
“शुभ” नाम पर बेढंगी निवेश निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है। - लिक्विडिटी सीमाएँ
कुछ स्टॉक्स में व्यापार कम हो सकता है, जिससे ऑर्डर निष्पादन कठिन हो सकता है। - सेटलमेंट व देनदारी
जो भी ट्रेड्स इस सत्र में होंगी, वे सामान्य सेटलमेंट नियमों के अधीन होंगी।
इसलिए, मुहूर्त ट्रेडिंग का उपयोग प्रतीकात्मक रूप + संयमित रणनीति के साथ करना चाहिए — केवल “शुभ अवसर” की मानसिकता से नहीं।
7. किसे भाग लेना चाहिए? (Who Should Participate)
मुहूर्त ट्रेडिंग हर किसी के लिए नहीं है — लेकिन निम्न प्रकार के निवेशक इस सत्र से लाभ उठा सकते हैं:
- दीर्घकालीन निवेशक (Long-term Investors): वे जो स्टॉक्स को वर्षों तक रखना चाहते हैं।
- नवीन निवेशक (New Investors): इस समय को शुरुआत के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं — राशि कम रख कर।
- संकेत-आधारित निवेशक (Sentiment Traders): यदि बाजार भावना सकारात्मक है, तो छोटे स्विंग लेनदेन कर सकते हैं।
- न्यून-मात्रा निवेशक (Symbolic Investors): महंगे लेनदेन की बजाय कुछ शेयरों का “प्रतीकात्मक” निवेश कर सकते हैं।
8. मुहूर्त ट्रेडिंग 2025: कैसे तैयारी करें? (Practical Tips & Strategy)
पूर्व विश्लेषण और तैयारी
- स्टॉक्स की सूची पहले से तैयार करें — बड़े और लोकप्रिय कंपनियों को प्राथमिकता दें।
- तकनीकी और मौलिक विश्लेषण करें — सिर्फ शुभ समय पर भरोसा न करें।
- लाभ-हानि स्तर (Stop Loss / Target) तय रखें
- कैश-राशि फ्री रखें — समय रहते ऑर्डर देने में सुविधा होगी।
- ब्रोकिंग ऐप व प्लेटफार्म जांच लें — धीमी कनेक्शन या सिस्टम क्रैश समस्या न हो।
- आदेश प्रकार (Market, Limit) तय करें
ट्रेडिंग के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
- समय रहते Pre-Open में भाग लें।
- Block Deal के अवसर देखें — बड़े सौदे हो सकते हैं।
- समय बचे हुए हों, धीरे-धीरे ऑर्डर डालें।
- लाभ मिलने पर तुरंत न करें, समय समाप्ति के करीब सावधानी से निर्णय लें।
- अगर स्टॉक ट्रेड न हो, तुरंत बैकअप प्लान तैयार रखें।
बाद की कार्रवाई
- सभी ऑर्डर्स और सेटलमेंट स्थिति सुनिश्चित करें।
- यदि लेनदेन सफल हुआ, तो निवेश को लंबी अवधि में नियोजित रखें।
- यदि नुकसान हुआ, तो यह अनुभव के रूप में लें — भावनात्मक निर्णय से बचें।
9. 2025 के लिए विशेष सुझाव
- समय बदलने का फायदा
दोपहर का समय सुबह-शाम की भीड़ से बेहतर हो सकता है। - नए प्रवृत्तियों पर नज़र
कई ब्रोकर्स व निवेश प्लेटफार्म इस बार विशेष योजनाएँ और प्रचार देंगे। - टॉप स्टॉक पिक्स
बड़े और भरोसेमंद स्टॉक्स को प्राथमिकता दें। - मीडिया और चर्चा
निवेश मंचों पर चर्चा होगी — लेकिन अंधाधुंध भरोसा न करें। - विविध निवेश
यदि संभव हो, कुछ पूंजी शेयरों के बजाय विविध कंपनी-सेगमेंट में लगाएँ।
10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या मुहूर्त ट्रेडिंग केवल स्टॉक्स के लिए है?
A1: नहीं। विभिन्न प्रकार के डेरिवेटिव्स, कमोडिटी, मुद्रा आदि के ट्रेडिंग बिंदु भी मुहूर्त सत्र में लागू हो सकते हैं।
Q2: क्या मैं मुहूर्त में बेच भी सकता हूँ?
A2: हाँ — इस समय पर आप खरीद और बिक्री दोनों कर सकते हैं।
Q3: यदि ट्रेड न हो, क्या होगा?
A3: यदि आपका ऑर्डर निष्पादित नहीं हुआ, तो वह नहीं होगा और बाद में रद्द हो सकता है।
Q4: क्या हमेशा लाभ मिलेगा?
A4: नहीं। मुहूर्त ट्रेडिंग भी बाजार की नियमों और उतार-चढ़ावों के अधीन है। शुभ मुहूर्त केवल मानसिक भरोसा देता है — बाजार अपने नियमों से चलता है।
Q5: मुहूर्त ट्रेडिंग में कितना निवेश करना चाहिए?
A5: यह आपकी पूँजी, जोखिम सहिष्णुता और अनुभव पर निर्भर करता है। शुरुआत में छोटी राशि से शुरुआत करना बेहतर है।
11. निष्कर्ष — शुभ शुरुआत के बीच बुद्धिमत्ता
मुहूर्त ट्रेडिंग दिवाली के उल्लास को शेयर बाजार की दुनिया से जोड़ने वाली एक सुंदर परंपरा है। 2025 में, यह एक नए रूप में — दोपहर के समय — होगी, जो कई निवेशकों को बेहतर अवसर दे सकती है। पर यह भी सच है कि यह सिर्फ “शुभ समय” नहीं, बल्कि एक वास्तविक ट्रेडिंग सत्र है। यदि इसे संयम, सूचना और विवेक से उपयोग करें, तो यह आपके निवेश वर्ष की शुरुआत को मजबूत बना सकती है।
याद रखें:
- शुभ समय पर भरोसा अच्छी बात है, पर डेटा, विश्लेषण और रणनीति से काम लें।
- जल्दी निर्णय से बचें, समय का सदुपयोग करें।
- यदि पहली बार आप भाग ले रहे हैं, तो छोटी पूँजी से शुरुआत करें।
- इस सत्र को एक प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखें — भविष्य के लिए भरोसा पैदा करने वाला।
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