India Post workers caught tossing parcels / कल्पना कीजिए, आपने अपनी मां से दूर रहते हुए घर से लड्डू या कोई कीमती गिफ्ट मंगवाया हो। या फिर ऑनलाइन शॉपिंग करके नया आईफोन मंगाया हो। और वह पार्सल रेलवे ट्रैक पर कचरा की तरह फेंक दिया जाए, जहां से गुजरने वाली ट्रेन उसे कुचल दे। जी हां, ऐसा ही एक शर्मनाक वीडियो हाल ही में वायरल हो गया है, जिसमें इंडिया पोस्ट के कर्मचारी पार्सल को बेरहमी से ट्रैक पर उछालते नजर आ रहे हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर 23 नवंबर 2025 को हुई, और सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। लोग गुस्से में हैं, क्योंकि इंडिया पोस्ट जैसी पुरानी और भरोसेमंद सेवा पर यह धब्बा लग गया है। इस लेख में हम इस घटना को विस्तार से समझेंगे – वीडियो क्या दिखा रहा है, सोशल मीडिया पर क्या रिएक्शन आया, इंडिया पोस्ट ने क्या कहा, और सबसे जरूरी – ऐसी लापरवाही से कैसे बचें। तो चलिए, इस दर्दनाक कहानी को खोलते हैं, सरल शब्दों में, ताकि आप भी जागरूक हो सकें।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ था उस दिन?
यह सब 23 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 4:25 बजे मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर हुआ। एक ट्रेन आ रही थी, जिसमें इंडिया पोस्ट के रेलवे मेल सर्विस (RMS) के कर्मचारी पार्सल उतार रहे थे। लेकिन उतारने का तरीका देखकर किसी का भी कलेजा बैठ जाए। वीडियो में दो कर्मचारी दिख रहे हैं – एक पार्सल को प्लेटफॉर्म पर फेंक रहा है, तो दूसरा सीधे रेलवे ट्रैक पर उछाल रहा है। बैग्स ऐसे गिर रहे हैं जैसे कोई कचरा फेंक रहा हो। ट्रैक पर बिखरे पार्सल देखकर लगता है कि अगर कोई ट्रेन आ गई तो सब कुछ तबाह हो जाएगा।
वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स ने पहले तो हैरानी में सांस रोकी, फिर हंसते-हंसते कैमरा ऑन कर लिया। वह कह रहा है, “इंडिया पोस्ट वाले पार्सल डिलीवर कर रहे हैं, लेकिन ऐसा डिलीवर जो सोचा भी नहीं। ट्रैक पर फेंक रहे हैं – ट्रेन आ गई तो सब कुचल जाएगा।” फिर वह इमोशनल हो जाता है, “कल्पना करो, अगर इसमें नया आईफोन हो या मां के हाथों के लड्डू हों। ये कचरा नहीं है, किसी अपने का प्यार है।” अंत में वह कर्मचारियों से चिल्लाता है, “फेंको और फेंको!” कर्मचारी कैमरा देखकर रुक जाते हैं, एक कहता है, “रिकॉर्ड मत करो,” और पार्सल छोड़कर भाग जाते हैं। यह 30 सेकंड का वीडियो इंस्टाग्राम पर राजा पंसारी नाम के यूजर ने शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा था, “वाह इंडिया पोस्ट और रेलवे, वाह! हमारे पार्सल की इतनी फिक्र!”
यह वीडियो रातोंरात वायरल हो गया। लाखों व्यूज, हजारों शेयर्स। लोग शेयर करते हुए कह रहे हैं कि यह सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का सबूत है। प्रतापगढ़ स्टेशन पर RMS ऑफिस प्लेटफॉर्म 1 पर है, लेकिन प्लेटफॉर्म 2-3 से जोड़ने के लिए स्लोप्ड फुटब्रिज नहीं है। ट्रॉली ले जाना मुश्किल होता है, इसलिए कर्मचारी ट्रैक क्रॉस करते हैं। लेकिन फेंकना? यह तो लापरवाही की हद है।
सोशल मीडिया पर तूफान: लोग क्यों इतने गुस्से में?
जैसे ही वीडियो फैला, ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आग लग गई। एक यूजर ने लिखा, “इंडिया पोस्ट पर भरोसा था, अब अमेजन-फ्लिपकार्ट ही ठीक। कम से कम वे पार्सल को कचरा नहीं समझते।” दूसरी तरफ, एक मां ने कमेंट किया, “मेरा बेटा घर से सामान भेजता है, अगर ऐसा हो गया तो? दिल टूट जाएगा।” हंसी-मजाक वाले कमेंट्स भी आए, जैसे “ट्रेन पार्सल को रोलर बनाने का काम कर रही है!” लेकिन ज्यादातर लोग सीरियस थे। हैशटैग #IndiaPostFail, #ParcelOnTracks ट्रेंड करने लगे।
एक सर्वे की मानें (जो सोशल मीडिया पर अनौपचारिक था), 80% यूजर्स ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सरकारी सेवाओं पर भरोसा कम हो रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां इंडिया पोस्ट ही एकमात्र विश्वसनीय डिलीवरी है। युवा पीढ़ी, जो ऑनलाइन शॉपिंग करती है, ने इसे “डिजिटल इंडिया का काला अध्याय” कहा। कुछ ने रेल मंत्री और पोस्ट मिनिस्टर को टैग किया, ताकि ध्यान जाए। कुल मिलाकर, यह वीडियो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जागरूकता का जरिया बन गया।
इंडिया पोस्ट की प्रतिक्रिया: माफी मांगी, लेकिन क्या काफी?
वीडियो वायरल होते ही इंडिया पोस्ट ने सफाई दी। उनके ऑफिशियल अकाउंट से स्टेटमेंट आया, “हमें इस घटना पर गहरा अफसोस है। हमने तुरंत जांच शुरू कर दी है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जा रही है।” उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर्स को फटकार लगाई गई है और स्ट्रिक्ट इंस्ट्रक्शंस जारी किए गए हैं। रेलवे ने भी कहा, “ये RMS पैकेज हैं, इंडिया पोस्ट के स्टाफ हैं। हमने संबंधित अथॉरिटी को सुधारने की सलाह दी है।”
लेकिन लोग कह रहे हैं कि माफी से क्या होता है? कार्रवाई दिखानी चाहिए। खबरों के मुताबिक, लखनऊ डिवीजन के रेलवे मैनेजर को लेटर लिखा गया है कि फुटब्रिज बनवाएं, ताकि ट्रैक क्रॉस न करना पड़े। रेलवे पुलिस भी वीडियो रिव्यू कर रही है। लेकिन सवाल यह है – क्या यह पहली बार है? नहीं। पहले भी अमेजन पार्सल फेंकने के वीडियो वायरल हो चुके हैं, लेकिन सुधार कम ही दिखा। इंडिया पोस्ट ने वादा किया है कि ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएंगे और CCTV लगवाएंगे स्टेशनों पर। उम्मीद है, यह वादा हकीकत बने।
ऐसी लापरवाही के पीछे असली वजहें: सिर्फ कर्मचारी दोषी नहीं
दोस्तों, यह घटना सिर्फ दो कर्मचारियों की गलती नहीं। इसके पीछे सिस्टम की कमियां हैं। पहला, इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी। प्रतापगढ़ जैसे छोटे स्टेशनों पर RMS ऑफिस अलग है, ट्रॉली ले जाना नामुमकिन। कर्मचारी थक जाते हैं, भारी बैग्स उठाते-उठाते फेंकने लगते हैं। दूसरा, वर्कलोड। इंडिया पोस्ट रोज लाखों पार्सल हैंडल करती है, स्टाफ कम है। तीसरा, ट्रेनिंग की कमी। नए कर्मचारियों को फ्रैजाइल हैंडलिंग नहीं सिखाई जाती।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 1.5 लाख से ज्यादा पोस्टल वर्कर्स हैं, लेकिन वैकेंसी 20% खाली हैं। महामारी के बाद पार्सल की संख्या दोगुनी हो गई, लेकिन सुविधाएं वही। ग्रामीण इलाकों में तो ट्रेन ही मुख्य ट्रांसपोर्ट है, लेकिन सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो नहीं होते। पर्यावरण का भी नुकसान – ट्रैक पर फेंके बैग प्लास्टिक से प्रदूषण फैलाते हैं। अगर ट्रेन कुचल दे तो जानवर खा लेते हैं। तो यह सिर्फ पार्सल की समस्या नहीं, बल्कि बड़ी सामाजिक मुद्दा है। India Post workers caught tossing parcels
प्रभाव: ग्राहकों का भरोसा कैसे टूटा?
सोचिए, अगर आपका नया स्मार्टफोन या दवा का पार्सल टूट जाए? आर्थिक नुकसान तो होता ही है, भावनात्मक भी। खासकर त्योहारों में, जब लोग घर से गिफ्ट भेजते हैं। इस घटना से इंडिया पोस्ट की इमेज खराब हुई। लोग प्राइवेट कूरियर की तरफ मुड़ रहे हैं, जो महंगे हैं। एक सर्वे में 60% ग्राहक बोले कि अब वे ट्रैकिंग वाली सर्विस चुनेंगे। छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत – वे इंडिया पोस्ट पर निर्भर हैं। अगर पार्सल डैमेज हो जाए तो रिफंड क्लेम मुश्किल। कुल मिलाकर, यह घटना “डिलीवरी फेलियर” का प्रतीक बन गई।
समाधान के रास्ते: आगे क्या हो सकता है?
अब सवाल यह कि ऐसी घटनाएं रोकें कैसे? पहला, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारें। हर स्टेशन पर RMS के लिए ब्रिज या रैंप बनवाएं। दूसरा, टेक्नोलॉजी यूज करें – GPS ट्रैकिंग, CCTV और ऐप से लाइव मॉनिटरिंग। तीसरा, ट्रेनिंग जरूरी। हर कर्मचारी को “फ्रैजाइल हैंडल विद केयर” सिखाएं। चौथा, पनिशमेंट सिस्टम सख्त। वीडियो वायरल होने पर तुरंत सस्पेंड करें। पांचवां, ग्राहक जागरूकता। इंडिया पोस्ट ऐप पर “सेफ हैंडलिंग टिप्स” दें।
सरकार भी कदम उठा सकती है। डाक विभाग को ज्यादा फंड दें, स्टाफ बढ़ाएं। प्राइवेट पार्टनरशिप से ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएं। अगर ये कदम उठे तो ऐसी घटनाएं रुक सकती हैं। याद रखें, एक पार्सल सिर्फ सामान नहीं, बल्कि किसी का विश्वास है।
निष्कर्ष: जागरूक रहें, शिकायत करें – बदलाव आपसे ही आएगा
दोस्तों, यह वीडियो शर्मनाक है, लेकिन उम्मीद की किरण भी। क्योंकि वायरल होने से कार्रवाई हुई। अगर आपका पार्सल डिलीवर होता है, तो चेक करें – डैमेज तो नहीं? अगर हां, तो 1924 पर शिकायत करें या इंडिया पोस्ट ऐप यूज करें। सोशल मीडिया का सही यूज करें – वीडियो शेयर करें, लेकिन फेक न्यूज न फैलाएं। इंडिया पोस्ट 150 साल पुरानी संस्था है, इसे मजबूत बनाना हमारी जिम्मेदारी। आइए, मिलकर आवाज उठाएं ताकि अगली बार कोई मां का लड्डू ट्रैक पर न फेंका जाए। India Post workers caught tossing parcels






